झाबुआ। जिले के पेटलावद विकास खंड के अंतर्गत आने वाला ग्राम बामनिया जो खुद को सबसे बड़ा और प्रभावशाली गाँव माने जाने वाला आज अपने ही पंचायत भवन की जर्जर स्थिति पर शर्मसार है, लगभग 55 साल पुराना और अब पूरी तरह से अपनी उम्र पुरी कर दम तोड़ चुका है और खंडहर में तब्दील होने की कगार पर है पंचायत भवन की यह हालत प्रशासन के विकास के दावों को कठघरे में खड़ा करती है क्या यही है वो विकास का सपना जिसमें ग्राम पंचायत के नाम पर एक ढहता हुआ ढाचा हीं शेष रह जाए।
पंचायत भवन की सभा कक्ष की हालत तो पूछो ही मत इतना छोटा और जरजर है किसी भी वार्ड के सदस्य अगर बैठने की कोशिश करें तो ऐसे लगे जैसे साइट पर काम करने वाले मजदूरों की तरह एक-दूसरे के ऊपर चढ़ रहे हों और अगर कुछ और लोग आ गए तो खड़े होकर ही काम चलाओ वाली स्थिति रहती है, कुल मिलाकर बामनिया में बिस वार्ड मेंबर है परंतु सभा कक्ष इतना छोटा है नो कुर्सी लग जाए तो दसवें व्यक्ति को खड़ा रहना पड़ता है जनप्रतिनिधि और ग्रामीण की तो बैठने की दूर की बात है, इसलिए सभी ग्राम सभा पंचायत के बाहर गर्मी हो सर्दी हो या बारिश हो मजबूरन बाहर ही करना पड़ती है।
पंचायत के ऊपर उग रही घास
अगर इस पंचायत भवन की जर्जर हालत में सुधार नहीं किया तो कुछ समय मे खंडहर में तब्दील हो जाएगा बद हालत यह है की पंचायत के ऊपर पत्रे पर हरी घास उग रही है वही अभी झालावाड़ में जर्जर स्कूल भवन के गिरने से साथ मासूम की जिंदगी चली गई क्या प्रशासन भी इस तरह की घटना का ही इंतजार कर रहा है, इसका उद्घाटन संसद सदस्य मामा बालेश्वर दयाल द्वारा 15 अगस्त 1971 को हुआ जो अभी पूरी सुविधाहीन भवन बन चुका है।
गौर करने वाली बात यह है कि बामनिया जैसी बड़ी और करीब 20 वार्ड एवं 15000 हजार वाले जनसंख्या व क्षेत्रफल की दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्राम पंचायत को आज तक ना तो नवीन भवन की सौगात मिली और नाही प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया है, जहां एक ओर सरकार ग्राम विकास डिजिटल इंडिया को प्राथमिकता में बता रही है वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत बामनिया आज भी एक पुराने मूलभूत सुविधाओं से वंचित और जर्जर भवन में अपनी गतिविधियां संचालित कर रही है।
वार्ड मेम्बर स्वप्निल वागरेचा ने बताया- बामनिया में स्मार्ट नई पहचान वाला सुविधाजनक ग्राम पंचायत भवन बनाया जाए जिसमें करीब 100 लोगों के लिए पंचायत भवन में ही सभा कक्ष बने।
वार्ड मेम्बर सुमित्रा भटेवरा ने बताया- ग्राम पंचायत पूरे जिले में अपने आप में रेलवे स्टेशन होने से अलग पहचान रखता है पंचायत भवन बहुत पुराना हो चुका है नई भवन की आवश्यकता है।
वार्ड मेम्बर गणेश बारीया ने बताया- हम लोग ग्राम पंचायत में बैठकर बामनिया में विकास की बात करते हैं परंतु अभी ग्राम पंचायत को ही विकास की आवश्यकता है।
वार्ड मेम्बर सुनीता मेहता ने बताया- इस ग्राम पंचायत में कई महिला वार्ड मेम्बर है और समय-समय पर आंगनबाड़ी महिलाएं भी पहुंचती है इसलिए एक नवीन पंचायत भवन के साथ महिला शौचालय की भी आवश्यकता है।
वार्ड मेम्बर बबलू सिंगाड ने बताया- नई पंचायत भवन में बैठक कक्ष, कार्यालयीन कक्ष, कंप्यूटर और दस्तावेजों के सुरक्षित रखने की समुचित व्यवस्था हो।
बामनिया सरपंच रामकन्या मखोड ने बताया- ग्राम पंचायत बामनिया ने पंचायत भवन के लिये स्थानीय विधायक व सांसद महोदय एवं कलेक्टर महोदय से मिलकर मांग की हैं।
जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र सिंह चौहान का कहना है- जिले में बारी-बारी से सभी पंचायत भवन बना रहे हैं सिओ से रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई करेंगे।