नीमच। मानसून के आते ही मध्य प्रदेश की प्राकृतिक खूबसूरती अपने चरम पर पहुंच गई है। पचमढ़ी से लेकर मांडू, खजुराहो और विंध्य क्षेत्र तक बारिश के बाद झरने, पहाड़ियां और हरियाली पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ सैकड़ों फीट की ऊंचाई से गिरते झरने भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
रीवा का क्योंटी वाटरफॉल, पचमढ़ी का बी फॉल, मऊगंज का बहुती जलप्रपात और शिवपुरी का पवा झरना इन दिनों पर्यटकों की पसंद बने हुए हैं। वहीं नीमच जिले के मनासा क्षेत्र स्थित झरनेश्वर महादेव का करीब 100 फीट ऊंचा झरना भी बारिश के बाद पूरे वेग से बह रहा है, जिसे देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।
रीवा का पूर्वा जलप्रपात
रीवा जिले में तमस नदी पर स्थित पूर्वा जलप्रपात प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। इसकी ऊंचाई करीब 201 मीटर बताई जाती है। बारिश के मौसम में पानी का बहाव बढ़ने के साथ इसका स्वरूप बेहद आकर्षक हो जाता है। यह रीवा शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित है।
मऊगंज का बहुती जलप्रपात
मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में स्थित बहुती जलप्रपात सेलर नदी पर बना है। करीब 142 मीटर ऊंचा यह झरना मानसून के दौरान तेज बहाव के साथ बेहद खूबसूरत नजर आता है। ऊंचाई से गिरती पानी की धार पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है।
322 फीट ऊंचा क्योंटी वाटरफॉल
रीवा जिले का क्योंटी वाटरफॉल प्रदेश के प्रमुख प्राकृतिक झरनों में गिना जाता है। महाना नदी पर स्थित इस झरने की ऊंचाई करीब 98 मीटर यानी 322 फीट है। रीवा शहर से करीब 37 किलोमीटर दूर स्थित क्योंटी फॉल में बारिश के दौरान पानी का प्रवाह बढ़ जाता है और यहां का नजारा देखते ही बनता है।
नीमच के झरनेश्वर में 100 फीट का झरना
नीमच जिले के मनासा से करीब 30 किलोमीटर दूर भड़ादोह स्थित झरनेश्वर महादेव का झरना इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बारिश के बाद करीब 100 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा रहा है। झरने का मनमोहक नजारा देखने पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
शिवपुरी का पवा झरना
शिवपुरी जिले में तेज बारिश के बाद पवा झरना भी पूरे वेग से बह रहा है। करीब 100 फीट ऊंचाई से गिरने वाला यह झरना कोलारस और पोहरी तहसील के बीच स्थित है। मानसून में यहां की हरियाली और झरने का दृश्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
पचमढ़ी में बी फॉल बना आकर्षण
मध्य प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में बी फॉल भी इन दिनों पर्यटकों की पसंद बना हुआ है। बारिश के बाद झरने का बहाव बढ़ गया है और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बन रहा है। बड़ी संख्या में टूरिस्ट बी फॉल का नजारा देखने पहुंच रहे हैं।
मांडू में होटल फुल, महेश्वर में किराए बढ़े
मानसून के चलते प्रदेश के पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर भीड़ बढ़ गई है। पचमढ़ी से लेकर मांडू और महेश्वर तक वीकेंड पर होटल फुल होने लगे हैं। मांडू में कई होटलों में तीन दिन तक नो-रूम की स्थिति बताई जा रही है, जबकि महेश्वर में कमरों का किराया 60 हजार रुपए तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
उज्जैन में सावन सोमवार और नागपंचमी के चलते भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में बारिश के मौसम में मध्य प्रदेश के झरने, पहाड़ियां, ऐतिहासिक स्थल और धार्मिक पर्यटन केंद्र प्रदेश की खूबसूरती के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ा रहे हैं।