मनासा। ईश्वर ने हमें मानव जीवन दिया है, जिसका सदुपयोग कर हम स्वार्थ, अहंकार और ईर्ष्या त्यागकर भवसागर से पार हो सकते हैं तथा ईश्वर की प्राप्ति कर सकते हैं। यह प्रेरक विचार अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय शाहपुरा के विद्वान, तेजस्वी एवं राष्ट्रवादी संत श्री चेतनरामजी (उदयपुर) ने सनातन सत्संग मंडल के स्नेह सम्मेलन में व्यक्त किए।
संत श्री ने कहा कि मानव तन पाकर हमें सच्चा मानव बनना होगा। इसके लिए जीवन में धरती माता, जन्मदात्री माता, गौ माता, गीता माता, आत्मा, महात्मा, गायत्री माता, परमात्मा और गंगा माता के प्रति सेवा, समर्पण और सहयोग के भाव को अपने आचरण में उतारना आवश्यक है।
उन्होंने मनासा नगर में सनातन सत्संग मंडल द्वारा विगत एक वर्ष से चल रहे सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ के माध्यम से धर्मजागरण की सराहना की। युवा संत श्री संतरामजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि हम अपने भीतर बैठे राम को जागृत कर लें, तो हर वर्ष रावण जलाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
भजनावली में झूमे श्रद्धालु
स्नेह सम्मेलन के अवसर पर आयोजित भजन संध्या में राजकुमार मारू, अंकित शर्मा, कमल विजयवर्गीय, सत्यनारायण सोनी, बंशीलाल धनोतिया, जमनालाल पाटीदार, समरथ खाटवा, गोपाल राठौर, अरुण झंवर, ओम सोनी सहित अन्य कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्ति भाव से भर दिया। कार्यक्रम में श्री हनुमान चालीसा पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
अतिथियों का सम्मान व आभार
कार्यक्रम का शुभारंभ विजयवर्गीय समाज के अध्यक्ष दामोदर रविन्द्र विजयवर्गीय, युवा मंडल अध्यक्ष रमन विजयवर्गीय सहित गोविन्द, गोपाल, श्यामसुंदर, अमित और राजेश विजयवर्गीय ने श्री हनुमानजी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ किया।
सामूहिक पाठ की व्यवस्था में सहयोग देने पर नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. सीमा तिवारी एवं अजय तिवारी का सम्मान किया गया। इसके साथ ही सनातन भाव को जन-जन तक पहुंचाने वाले पत्रकारों का संतद्वय के हाथों श्री हनुमानजी का चित्र और दुपट्टा भेंटकर स्वागत किया गया। दिनभर चले इस संस्कार समारोह में भाग लेने वाले सभी सनातन परिवारों एवं विजयवर्गीय समाज के प्रति सनातन सत्संग मंडल ने आभार व्यक्त किया।