खरगोन। आज गुरुपूर्णिमा के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा के दर्शन एवं पूजन के लिए पहुंचे। इस बार का गुरुपूर्णिमा पर्व इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि शक्तिपीठ की स्थापना के 46 वर्ष बाद गुरुदेव एवं माता जी के प्रखर, प्रज्ञा और सजल श्रद्धा स्वरूपों की वैदिक मंत्रोच्चार और विधि- विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।
गुरुपूर्णिमा पर सुबह से ही गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया गया। गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के प्रखर, प्रज्ञा और सजल श्रद्धा स्वरूपों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूरे शक्तिपीठ का वातावरण भक्तिमय बना रहा। महोत्सव के दौरान आयोजित 24 कुंडीय महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण और राष्ट्र निर्माण की कामना की। विशेष रूप से 24 करोड़ गायत्री मंत्रों की हस्तलिखित पुस्तिका, देश के 24 प्रमुख तीर्थों का पवित्र जल और रज प्रखर, प्रज्ञा एवं सजल श्रद्धा स्वरूपों के नीचे स्थापित किए गए, जिसे आयोजन का विशेष आध्यात्मिक आकर्षण माना गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुदीक्षा ग्रहण की और गुरुकार्य, समाज जागरण तथा राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने का संकल्प लिया। पूरे दिन चले धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-पूजन और यज्ञ के कारण शक्तिपीठ में गुरुपूर्णिमा का उत्सव पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।