नीमच। वरिष्ठ समाजसेवी मौ. शकील कुरैशी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को देश की महत्वपूर्ण शैक्षणिक संपत्ति बताते हुए इसे संरक्षित रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में विभिन्न वर्गों के हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर, अनाथ और जरूरतमंद बच्चे भी शामिल हैं। कई विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा की सुविधा भी मिल रही है।
कुरैशी ने कहा कि शिक्षा संस्थान समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं। यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भविष्य में देश की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसी भी शैक्षणिक संस्थान का संरक्षण किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि जौहर यूनिवर्सिटी से संबंधित कोई कानूनी या प्रशासनिक विवाद है, तो उसका समाधान कानून के दायरे में किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस शैक्षणिक संस्थान को ध्वस्त करने के बजाय उसकी समस्याओं का वैधानिक निराकरण किया जाना चाहिए।
वरिष्ठ समाजसेवी मौ. शकील कुरैशी ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी देश की संपत्ति है और इसे शिक्षा के केंद्र के रूप में सुरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।