मंदसौर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार सुबह से विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, गुरुवार से प्रारंभ हो रहे सावन मास एवं प्रथम सावन सोमवार को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार, सावन मास में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए दर्शनार्थियों के लिए कतार व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित एवं सुगम दर्शन कराए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात रहेगा।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर चैतन्य आश्रम, मैनपुरिया के पीठाधीश्वर स्वामी मणि महेश जी महाराज ने बताया कि भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की स्थापना परम पूज्य स्वामी प्रत्यक्षानंद जी महाराज ने की थी। इस अवसर पर मंदिर परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गुरु पूजा की गई। वहीं, चैतन्य आश्रम में दिनभर गुरु वंदना, पूजा-अर्चना एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पशुपतिनाथ मंदिर के पुजारी राकेश भट्ट ने बताया कि सावन मास के शुभारंभ अवसर पर स्वामी प्रत्यक्षानंद जी महाराज एवं मस्तराम जी महाराज की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं जिला कलेक्टर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ सावन मास का शुभारंभ करेंगे।
उन्होंने बताया कि सावन मास के दौरान प्रतिदिन प्रातः 5 बजे मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके पश्चात भगवान का श्रृंगार, अभिषेक एवं आरती संपन्न होगी। प्रातः 11 बजे राजभोग अर्पित किया जाएगा तथा सायंकाल शयन आरती के बाद रात्रि 11 बजे मंदिर के पट बंद किए जाएंगे।
सावन मास में जिले सहित प्रदेश एवं आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति एवं पुलिस प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।