नीमच। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर नीमच के समीप स्थित श्री शिव शक्ति आश्रम, लेवड़ा में बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव अत्यंत धूमधाम एवं धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया।
श्रद्धालुओं ने सद्गुरु भगवत स्वरूप पूज्य श्री श्री 1008 कमलानंद गिरि जी महाराज की चरण पादुकाओं का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन, अभिषेक एवं अर्चन कर गुरु कृपा का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में पूज्य गुरुदेव के परम शिष्य एवं समाजसेवी अशोक अरोरा (गंगानगर) विशेष रूप से उपस्थित रहे और पूजा-अर्चना में सहभागिता की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गुरु भक्तों ने आश्रम पहुंचकर गुरु चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पूजन-अर्चन के उपरांत भगवान एवं गुरुदेव को विशेष भोग अर्पित किया गया। इसके पश्चात आयोजित भव्य महाआरती के दौरान पूरा आश्रम ष्जय गुरुदेवष् के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में शीश नवाकर सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।
उल्लेखनीय है कि श्री शिव शक्ति आश्रम केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है। भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि पूज्य गुरुदेव की समाधि पर सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती। यहां पहुंचने मात्र से मन को अद्भुत शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक अनुभूति का एहसास होता है। यही कारण है कि वर्षभर देशभर से श्रद्धालु दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस तपोभूमि में पहुंचते हैं।
आश्रम की स्थापना की प्रेरणादायी कथा भी भक्तों के लिए आस्था का विषय है। बताया जाता है कि 90 के दशक में पूज्य गुरुदेव सांडेश्वर महादेव के घने जंगलों में कठोर तपस्या में लीन थे। उनकी तपस्या और तेज से प्रभावित होकर समाजसेवी अशोक अरोरा ने उन्हें लेवड़ा स्थित इस स्थान पर आने का आग्रह किया। पूज्य गुरुदेव ने इस भूमि को अपनी तपस्थली बनाकर वर्षों की साधना से इसे आध्यात्मिक चेतना के दिव्य केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित किया।