मनासा। संत समरथरामजी महाराज ने कहा- प्रभु नाम स्मरण ही मानव जीवन को सफल बनाने का सर्वाेत्तम मार्ग है। रामद्वारा में आयोजित 97वें श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग में उन्होंने श्रद्धालुओं को रामनाम की महिमा का बोध कराते हुए कहा कि सत्संग और प्रभु स्मरण से ही मनुष्य का जीवन सार्थक बनता है।
स्थानीय रामद्वारा में आयोजित 97वें श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग में अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के विद्वान संत श्री समरथरामजी महाराज (पुष्कर) ने कहा कि शरीर नाशवान है, जबकि आत्मा ईश्वर का अंश होने के कारण अमर है। यदि मानव जीवन का उद्देश्य भगवत प्राप्ति बन जाए तो यह जीवन सफल हो जाता है।
चातुर्मास के अवसर पर रामद्वारा में विराजित संत श्री समरथरामजी ने विभिन्न पवित्र ग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी शास्त्रों में प्रभु नाम स्मरण को मानव कल्याण का सर्वाेत्तम साधन बताया गया है। उन्होंने कहा कि सत्संग व्यक्ति को सहज रूप से सन्मार्ग की ओर अग्रसर करता है तथा सभी शास्त्रों का आरंभ और अंत रामनाम से ही होता है।
उन्होंने सनातन सत्संग मंडल द्वारा निरंतर आयोजित किए जा रहे श्रीहनुमान चालीसा पाठ की सराहना करते हुए इसे समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने वाला प्रेरणादायी प्रयास बताया। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय के युवा साहित्याचार्य एवं रामराष्ट्र आराधक संत श्री चेतनरामजी महाराज (उदयपुर) ने चातुर्मास के दौरान इस आयोजन की शुरुआत कर इसे निरंतर जारी रखने की प्रेरणा प्रदान की थी।
कार्यक्रम का शुभारंभ लाभार्थी श्रीनिवास पलोड़ परिवार के श्री कृष्णगोपाल (हीरालाल) पलोड़, गोविंद पलोड़, सत्यनारायण पलोड़, सुरेश बाबू पलोड़, आशीष पलोड़ एवं अतुल पलोड़ सहित परिवारजनों ने भगवान श्रीहनुमानजी एवं आद्य आचार्य स्वामी श्रीरामचरणजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर संत श्री समरथरामजी महाराज का स्वागत भी किया गया।
भजन संध्या में राजकुमार मारू, सत्यनारायण सोनी, समरथ खाटवा, अरुण झंवर, अर्पित शर्मा एवं ओम सोनी ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। रिमझिम वर्षा के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में सनातन सत्संग मंडल ने सभी श्रद्धालुओं एवं लाभार्थी परिवार का आभार व्यक्त करते हुए आगामी 4 अगस्त (मंगलवार) रात्रि 8रू30 बजे रामद्वारा परिसर में आयोजित सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ एवं सत्संग में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया।