नीमच। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने शरद पूर्णिमा महोत्सव और वाल्मीकि जयंती के अवसर पर नगर के फव्वारा चौक स्थित महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का पूजन-अर्चन कर माल्यार्पण किया। इसके बाद परिषद द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी में संरक्षक अजय जिंदल ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। पत्रकार एवं परिषद सदस्य जीवन कौशिक ने महर्षि के आदर्शों को अपनाकर जीवन को श्रेष्ठ तरीके से जीने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विद्युत मंडल के कर्मचारी और भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। गोष्ठी में विद्युत विभाग से राजमल व्यास, दिनेश शर्मा, आर.के. जैन, हरकिशन चतुर्वेदी, तथा भारतीय मजदूर संघ से नितिन साहू, ठेकेदार आर.के. बैरागी, समाजसेवक मोनू लालवानी और चंद्रशेखर जैसवार ने सहभागिता की।
अंत में परिषद के महासचिव पंडित अंबिका प्रसाद जोशी ने महर्षि वाल्मीकि को आदि कवि के रूप में प्रस्तुत किया और रामायण के माध्यम से जीवन की आराधना एवं समाज में समरसता के महत्व पर विचार साझा किए। उन्होंने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।