मंदसौर/चित्तौड़गढ़। मंदसौर जिले के ग्राम काचरिया चंद्रावत निवासी सद्दाम मंसूरी के खिलाफ लगातार आपराधिक गतिविधियों की शिकायतों के बीच अब चित्तौड़गढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर झूठा नाम अपनाकर लव जिहाद, महिलाओं से धोखाधड़ी, समूह लोन दिलाने के नाम पर लाखों की अवैध वसूली करने और दुष्कर्म तक का आरोप लगा है।
चित्तौड़गढ़ प्रकरण
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि 27 सितंबर को सदर थाना क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी और पुत्रियां घर से लापता हैं। जांच में सामने आया कि महिला अपने व्यवसायिक साझेदार संजय कुमावत उर्फ सद्दाम मंसूरी के साथ गई हो सकती है। इस आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और साइबर सेल की मदद से महिला व उसकी दो पुत्रियों को मोरवी (गुजरात) से बरामद किया।
थाने में महिला ने लिखित बयान दिया कि आरोपी ने अपना असली नाम छिपाकर खुद को संजय कुमावत बताया और दोस्ती कर विश्वास में लिया। इसके बाद उसने धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और महिला की नाबालिग पुत्री से भी छेड़छाड़ की। इस गंभीर मामले में पुलिस ने आरोपी पर दुष्कर्म एवं पोक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए 32 वर्षीय सद्दाम मंसूरी पुत्र मोहम्मद हुसैन मंसूरी निवासी काचरिया चंद्रावत (थाना पिपलिया मंडी, जिला मंदसौर) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
मंदसौर में भी विवादों में घिरा
इसी आरोपी के खिलाफ ग्रामवासियों और हिंदू समाज ने मंदसौर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सद्दाम मंसूरी ने हिंदू नाम अपनाकर लव जिहाद किया और महिलाओं को समूह लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की अवैध वसूली की। इसके अलावा, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे व निर्माण और संदिग्ध गतिविधियों में भी उसका नाम सामने आया।
गांववासियों ने मांग की है कि आरोपी पर कठोर कार्रवाई कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा एवं सतर्कता बढ़ाई जाए।
पुलिस कार्रवाई जारी
फिलहाल आरोपी पोक्सो एक्ट व दुष्कर्म के मामले में रिमांड पर है। चित्तौड़गढ़ और मंदसौर दोनों जिलों में आरोपी की गतिविधियों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है और लोग शीघ्र कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।