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November 2, 2025, 1:24 pm
BIG NEWS : एमपी में दिखने लगा राजस्थान के निजी बस संचालकों की हड़ताल का असर, नीमच से नहीं हो रहा जयपुर, दिल्ली सहित इन बड़े शहरों के लिए चलने वाली बसों का संचालन, यात्रियों की बढ़ी परेशानी, रोडवेज बस और ट्रेनों में भारी भीड़, पढ़े खबर 

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नीमच। राजस्थान में निजी बस संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब मध्यप्रदेश में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। एमपी के नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर और भोपाल सहित अन्य शहरों से राजस्थान के लिए बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत से एक दिन पहले बस सेवाएं बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

8,000 निजी स्लीपर बसों का संचालन बंद- 
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ओनर्स एसोसिएशन ने जैसलमेर और जयपुर के मनोहरपुर में हुए भीषण बस हादसों के बाद परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कड़ी कार्रवाई के विरोध में यह हड़ताल शुरू की है। एसोसिएशन से जुड़ी करीब 8,000 निजी स्लीपर बसों का संचालन राजस्थान से पूरी तरह रोक दिया गया है।

हादसे के बाद बढ़ी सख्ती-
हड़ताल की जड़ जैसलमेर के उस दर्दनाक हादसे में है, जिसमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कई लोगों की जान चली गई थी। हादसे के बाद परिवहन विभाग ने राज्यभर में नियम उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। कई बसों को सीज किया गया, भारी जुर्माने लगाए गए और ओवरलोडिंग, परमिट अनियमितता तथा फिटनेस सर्टिफिकेट की कमी जैसी खामियों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम जनसुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। उनका तर्क है कि बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करना ही होगा, इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

बस संचालकों का आरोप- “विभाग कर रहा मनमानी”
नीमच के बस ऑपरेटर मनीष जैन ने बताया कि एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार विभाग बिना किसी पूर्व जांच या चेतावनी के बसों को सीज कर रहा है और भारी-भरकम चालान काट रहा है। कई बसें पुरानी हैं, जिन्हें नियमों के अनुरूप सुधारने में समय लगता है, लेकिन विभाग कोई मोहलत नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि “हड़ताल से किसी को फायदा नहीं है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में बसें सीज होने और जुर्माने लगने से कारोबार ठप हो गया है। हमें नियम पालन के लिए समय और सहयोग चाहिए, न कि केवल दंडात्मक कार्रवाई।

ऑनलाइन बुकिंग भी ठप, लाखों लोग प्रभावित-
हड़ताल का असर अब आम यात्रियों पर साफ दिखने लगा है। मांगलिक कार्यक्रमों के मौसम में बस संचालन बंद होने से यात्रियों की आवाजाही बाधित हो गई है। शनिवार से जयपुर सहित राजस्थान के प्रमुख शहरों से बसें नहीं चल रहीं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग पोर्टल्स पर भी बुकिंग बंद कर दी गई है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ओनर एसोसिएशन ने घोषणा की है कि 31 अक्टूबर की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रभावी रहेगी, जब तक विभागीय कार्रवाई पर पुनर्विचार नहीं किया जाता।

रोडवेज और ट्रेनों में बढ़ी भीड़-
बसों के बंद रहने से लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। अनुमान है कि राजस्थान और आसपास के राज्यों में लगभग 3 लाख यात्री हड़ताल से प्रभावित हुए हैं। रोडवेज बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं है और ट्रेनों में भी भारी भीड़ देखी जा रही है। शुक्रवार तक करीब 7,000 बसों का संचालन बंद था, लेकिन शनिवार को जयपुर सहित पूरे प्रदेश में सभी रूटों की बसें ठप हो गईं। हड़ताल के कारण यात्रा योजनाएं बिगड़ गई हैं और लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

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