नीमच। गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत सोमवार को आयोजित गो सम्मान दिवस जनआस्था, सामाजिक सहभागिता और गौ संरक्षण के संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। लायंस पार्क चौराहे से प्रारंभ हुआ हजारों गौभक्तों का विशाल पैदल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम गौ संरक्षण से संबंधित विभिन्न मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। इस अवसर पर 2 लाख 81 हजार नागरिकों के हस्ताक्षरों से युक्त समर्थन-पत्र भी प्रशासन को सौंपे गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विजय मंत्र संकीर्तन, रामधुन और "जय गोमाता" के जयघोष के साथ हुआ। संत समाज, गौसेवकों, विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक इसमें सहभागिता की। पूरे मार्ग में गौभक्त गौमाता के सम्मान एवं संरक्षण के समर्थन में नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में देशी गोवंश को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गोहत्या पर देशव्यापी कानूनी प्रतिबंध लगाने, केंद्रीय गौ सेवा एवं संरक्षण मंत्रालय की स्थापना, गो तस्करी के विरुद्ध कठोर कानून बनाने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला स्थापित करने, जिला स्तर पर आदर्श गोशाला विकसित करने, पंचगव्य आधारित प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने, गोचर भूमि संरक्षण तथा राजमार्गों पर गो-एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें प्रमुखता से रखी गईं।
आयोजकों ने बताया कि 2.81 लाख हस्ताक्षरों के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री तक आमजन की भावनाओं और गौ संरक्षण के प्रति जनसमर्थन को पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उनका कहना था कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, प्राकृतिक कृषि, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय है।
पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा माकूल इंतजाम किए गए। श्रद्धा, अनुशासन और जनसमर्थन से परिपूर्ण यह आयोजन नीमच में गौ संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरण का प्रभावशाली संदेश देकर संपन्न हुआ।