मंदसौर। प्रशासन द्वारा जारी मास्टर प्लान 2041 को लेकर शहर में विवाद गहराता जा रहा है। इसके विरोध में कुमावत समाज के नेतृत्व में सर्व समाज ने सोमवार को मंदसौर बंद का आह्वान किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में समाजजन वाहनों के साथ शहर में निकले और व्यापारियों से बंद को सफल बनाने की अपील की।
शहर में दिखा बंद का असर
मंदसौर बंद का व्यापक असर देखने को मिला। कई बाजार और प्रतिष्ठान आंशिक रूप से बंद रहे। लोगों में प्रशासन के प्रति नाराज़गी देखी गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना परामर्श के उनकी जमीनों को कृषि भूमि घोषित कर दिया है, जबकि पूर्व मास्टर प्लान में यह क्षेत्र आवासीय श्रेणी में था।
सर्व समाज ने दिया समर्थन
कुमावत समाज पिछले दो दिनों से धरने पर बैठा हुआ था। सोमवार को समाज द्वारा किए गए बंद के आह्वान को सर्व समाज का समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों ने टीएनसी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) विभाग के अधिकारियों पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। उनका कहना है कि रेवास देवड़ा रोड से ऋषियानंद कॉलोनी तक का क्षेत्र गलत तरीके से कृषि भूमि में शामिल किया गया है।
मांगें नहीं मानीं तो उग्र होगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि विवादित क्षेत्र को पुनः आवासीय क्षेत्र में बहाल किया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।