मंदसौर। मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम मुरली निवासी पूजा पति अभिषेक (उम्र 21 वर्ष, जाति बांछड़ा) ने अपने और अपने पति को लगातार मिल रही धमकियों, मानसिक प्रताड़ना एवं समाज से बहिष्कार के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक मंदसौर को आवेदन देकर न्याय की मांग की है।
पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया कि बचपन में उसके परिजनों ने उसे जबरन देह व्यापार में धकेल दिया था। लगभग पाँच वर्षों तक यह अमानवीय कार्य करवाया गया, किंतु बालिग होने पर उसने इस कुप्रथा को सदा के लिए छोड़ने का निर्णय लिया। बाद में पूजा ने अपने समाज के ही युवक अभिषेक पिता अनिल (निवासी ग्राम मुरली) से प्रेम विवाह किया। विवाह 22 नवंबर 2023 को संपन्न हुआ। विवाह के बाद से ही पीड़िता अपने पति के साथ सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही है।
परिवार और समाज के लोगों ने की धमकी-
आवेदन में कहा गया है कि विवाह के बाद से ही पीड़िता के परिवारजन और समाज के कुछ लोग नाराज हैं और उसे तथा उसके पति को निरंतर धमकियाँ दे रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि दिनांक 3 नवंबर 2025 को समाज के पंचों ने अवैध रूप से जाति पंचायत बुलाई, जिसमें रोहित पिता बाबूलाल, अशोक पिता दुलेसिंह, अरुण पिता कैलाश, सुनील पिता दुलेसिंह (सभी निवासी थाना नाहरगढ़ क्षेत्र) सहित अन्य लोगों ने मिलकर उसे और उसके पति को समाज से बहिष्कृत करने का निर्णय लिया।
पंचायत में ‘बकरा काटने की रस्म’ कर प्रतीकात्मक बहिष्कार किया गया और इस घटना का वीडियो बनाकर समाज के व्हाट्सएप समूहों में वायरल कर दिया गया, जिससे दंपती को सार्वजनिक अपमान और मानसिक आघात झेलना पड़ा।
धमकी और जबरन देह व्यापार का आरोप-
पीड़िता का आरोप है कि उक्त व्यक्तियों ने उसे दोबारा देह व्यापार में धकेलने का प्रयास किया तथा उसके पति से 20 लाख रुपये की फिरौती माँगी। रकम नहीं देने पर पति की हत्या करने और दोनों को स्थायी रूप से समाज से बाहर करने की धमकी दी गई है।
कड़ी कार्रवाई की मांग-
पीड़िता ने अपने आवेदन में कहा कि वह और उसका पति भय और तनाव में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें सुरक्षा और न्याय मिल सके।