चित्तौड़गढ़। कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर मेवाड़ महोत्सव समिति द्वारा गंभीरी नदी तट पर भव्य चुनरी मनोरथ, छप्पन भोग, अन्नकूट, संत सम्मान एवं गंगा की तर्ज पर महाआरती का आयोजन किया गया। शहर की गंगा कही जाने वाली गंभीरी नदी पर हुए इस आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समिति अध्यक्ष अनंत समदानी और उपाध्यक्ष अनुराग द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार शाम सवा 5 बजे रामद्वारा के संत रमताराम महाराज, दिग्विजयराम महाराज, रोहित गोपाल भैया महाराज और विनोद यति महाराज के सम्मान से कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
संत सम्मान समारोह में जिला प्रमुख गब्बरसिंह अहीर, विधायक अर्जुनलाल जीनगर, भाजपा जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी, भामाशाह रामगोपाल जायसवाल, सांवरिया मंदिर मंडल अध्यक्ष जानकीदास वैष्णव, पूर्व जिलाध्यक्ष मिट्ठूलाल जाट, प्रवक्ता संजु लड्ढा, प्रो. सत्यनारायण समदानी, उद्योगपति गोविंद गदिया, सुरेश झंवर, गोपालस्वरूप ओझा, राधेश्याम आमेरिया सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम सचिव लीला आगाल और संयोजक जया तोषनीवाल ने बताया कि सूरत के कारीगरों द्वारा तैयार 211 मीटर लंबी चुनरी को संतों व अतिथियों द्वारा माँ गंभीरी को अर्पित किया गया। जैसे ही चुनरी अर्पण की प्रक्रिया शुरू हुई, श्रद्धालुओं में उसे स्पर्श करने की होड़ मच गई। नदी के दोनों तटों पर नावों की सहायता से चुनरी अर्पण का भव्य दृश्य देखते ही बनता था।
संरक्षक आशा पोखरना और आयोजन सचिव भावना आगाल ने बताया कि चुनरी मनोरथ के बाद कोटा से विशेष रूप से आमंत्रित पंडित वैभव जोशी की टीम द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ महाआरती की गई। आरती में संतों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
महिलाओं ने 51 थालों में आटे के दीपक सजाकर आरती की। आरती के समापन पर भव्य आतिशबाजी ने वातावरण को आलोकित कर दिया। गंभीरी पुलिया पर विशेष विद्युत सजावट की गई, जिससे पूरा क्षेत्र दीपोत्सव जैसा जगमगा उठा।
अंत में समिति द्वारा श्रद्धालुओं को अन्नकूट प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सचिव लीला आगाल ने किया। व्यवस्थाओं में रेखा समदानी, अवनी शर्मा, अक्षिता पोखरना, अरुणा द्विवेदी, मंजु तोषनीवाल, सरस्वती शर्मा, महेंद्र सिंह राजावत, विकास गंगवाल, अनुराग बांगड़ सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने योगदान दिया।