मनासा। क्षेत्र के ग्राम मोकड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते सिंचाई के दौरान करंट लगने से किसान धनसिंह राजपूत (निवासी मोकड़ी) की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने नीमच-झालावाड़ रोड पर घोटा पिपलिया स्थित बालाजी मंदिर के सामने शव रखकर चक्काजाम किया।

सुबह नीमच में पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीण शव लेकर मौके पर पहुंचे और सुबह करीब 11.45 बजे चक्काजाम शुरू किया, जो लगभग एक घंटे तक चला। ग्रामीणों व परिजनों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, मृतक के बेटे को नौकरी देने तथा लापरवाह लाइनमैन व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीएम किरण आंजना मौके पर पहुंचीं और परिजनों व ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले चार महीनों से टूटे हुए बिजली तारों की शिकायत बिजली विभाग से की जा रही थी, लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसी लापरवाही का खामियाजा एक गरीब किसान को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

ग्रामीणों ने बताया कि मृतक किसान दिव्यांग था तथा उसकी पत्नी और बेटा भी दिव्यांग हैं। घटना के दौरान दो अन्य किसान, जो बचाव के लिए पहुंचे थे, उन्हें भी करंट लग गया। विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता था, इसलिए दोषियों पर कार्रवाई आवश्यक है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली के तार क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन विभाग शिकायतों की अनदेखी कर रहा है।

एसडीएम किरण आंजना ने परिजनों को आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को बिजली कंपनी व मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत कुल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से बिजली विभाग में नौकरी दी जाएगी। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया।

चक्काजाम के दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र श्याम सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीष पोरवाल, जनपद सदस्य घीसालाल जाट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुकड़ेश्वर थाना प्रभारी भीमसिंह सिसोदिया, मनासा थाना प्रभारी शिव रघुवंशी, रामपुरा थाना प्रभारी विजय सागरिया सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।