मनासा। मंदिरों की नगरी मनासा रविवार, 4 जनवरी को एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व धार्मिक आयोजन की साक्षी बनी। पहली बार मालवा-मेवाड़ अंचल के 125 गांवों व नगरों से निकाली गई श्रीराम प्रभात फेरियों का भव्य महा-संगम मनासा में आयोजित हुआ। यह अवसर नगर के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब 2000 से अधिक श्रद्धालु एक साथ प्रभात फेरियों में सहभागी बने।
प्रभात फेरियों के स्वागत में पूरा नगर दुल्हन की तरह सजा नजर आया। जगह-जगह स्वागत द्वार, तोरणद्वार, भगवा पताकाएं और आकर्षक सजावट की गई। सामाजिक संगठनों, विभिन्न समाजों एवं राजनीतिक दलों ने इस धार्मिक आयोजन के स्वागत में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। आयोजन को नगर श्रीराम प्रभात फेरी के बैनर तले भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया।
सभी 125 प्रभात फेरियां श्री द्वारकापुरी धर्मशाला पहुंचीं, जहां श्रद्धालुओं के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ विशाल रैली नगर भ्रमण के लिए निकली। रैली श्री द्वारकापुरी धर्मशाला से प्रारंभ होकर विजय स्तंभ, अल्हेड़ दरवाजा, सदर बाजार, चौपड़पट्टा, श्री बद्रीविशाल मंदिर, श्री भेरुजी नीम चौक, श्री सोमनाथ महादेव मंदिर, उषागंज, वल्लभ इंडेन कार्यालय, बगीचा, इमली बाग, श्री मुरली मंदिर वाली गली, श्री बद्रीनारायण मंदिर, अनूपपुरा, धोबी मोहल्ला चौराहा, नानकशाही इमली, खड़ा शेर गली होते हुए पुनः धर्मशाला पहुंचकर संपन्न हुई।
रैली के उपरांत आयोजित धर्मसभा में अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के वरिष्ठ महंत नरपतराम महाराज एवं उनके शिष्य संतरामजी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए। उनके प्रवचनों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रीराम प्रभात फेरी मंडल एवं सहयोगी संस्थाओं के आह्वान पर नगर की धर्मप्रेमी जनता ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। यह महा-संगम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त संदेश भी दे गया।