मंदसौर। शहर स्थित भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि का महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई थीं। सुबह से देर रात तक करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ के दर्शन किए। वहीं, पशुपतिनाथ लोक भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।
महाशिवरात्रि के अवसर पर तड़के सुबह 4 बजे गर्भगृह के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। अल सुबह मंगला आरती संपन्न हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इसके पश्चात दिनभर भक्तों की आवाजाही निरंतर बनी रही। दोपहर के समय श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ कमी देखी गई, लेकिन शाम ढलते ही एक बार फिर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
चार बार हुआ विशेष अभिषेक, विधि-विधान से पूजन-अर्चन
पर्व के दौरान भगवान पशुपतिनाथ का चार बार विशेष अभिषेक किया गया। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात भगवान का विशेष श्रृंगार कर भव्य मुख्य आरती आयोजित की गई। देर रात शयनकाल आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सीधे प्रतिमा पर जल अर्पण की अनुमति नहीं-
मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा और सुव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को अष्टमुखी प्रतिमा पर सीधे जल अर्पित करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके लिए निर्धारित जलपात्र की व्यवस्था की गई थी, जिसके माध्यम से जल एवं पूजन सामग्री अर्पित की गई। इससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही।
‘पशुपतिनाथ लोक’ बना आकर्षण का केंद्र-
इस वर्ष तैयार किया गया ‘पशुपतिनाथ लोक’ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लोक में निर्मित त्रिनेत्र सहित अन्य धार्मिक संरचनाओं ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। हजारों श्रद्धालु पशुपतिनाथ लोक का अवलोकन करते नजर आए।