नीमच। प्रधानमंत्री राहत (पी.एम.राहत) योजना सड़क दुर्घटना पीड़ितों की जीवन सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक अहम पहल है। इस योजना के तहत दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन अवर में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाता है और 1.50 लाख रुपये तक के केशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। जिले में इस योजना के अंतर्गत कुल 43 अस्पताल इम्पेनल्ड किए गए हैं।
शुक्रवार को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के पुलिस अधिकारियों, सरकारी एवं निजी चिकित्सकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए आयोजित प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए कहा कि अस्पताल और पुलिस की समन्वित भूमिका से ही पीड़ितों की जीवन रक्षा संभव है। उन्होंने सभी अधिकारियों और चिकित्सकों से अपने कर्तव्यों का तत्परता और जिम्मेदारी से पालन करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसोदिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र पाटिल, एसडीओपी निकिता सिह, थाना प्रभारी और सभी इम्पेनल्ड अस्पतालों के चिकित्सक उपस्थित थे।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को पीएम राहत योजना के पोर्टल संचालन, ई-डीटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट तैयार करने, ई-डीएआर पोर्टल पर सड़क दुर्घटना की जानकारी अपलोड करने और अस्पताल पहुंचते ही पीड़ितों को केशलेस उपचार उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से पुष्पेन्द्र सिंह ने दिया।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें, ताकि पीएम राहत योजना का जिला स्तर पर सुचारू और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।