मनासा। शासकीय रामचंद्र विश्वनाथ महाविद्यालय के विज्ञान विभाग, इको क्लब एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक योगदान से अवगत कराना रहा।
इस अवसर पर पर्यावरण एवं भारतीय वैज्ञानिकों पर आधारित विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी, भाषण प्रतियोगिता तथा “पर्यावरण एवं विज्ञान में भारतीय ज्ञान परंपरा” विषयक क्विज/प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण एवं भारतीय वैज्ञानिकों के नवाचारों पर आधारित आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए, जिनकी निर्णायक मंडल द्वारा सराहना की गई।
भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान, प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान की प्रासंगिकता तथा वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों पर प्रभावी विचार व्यक्त किए। वहीं क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भारतीय विज्ञान परंपरा एवं पर्यावरण संबंधी ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.एल. धाकड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित वैज्ञानिक सोच आज भी प्रासंगिक है और युवाओं को इसे आधुनिक विज्ञान से जोड़कर आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए ऐसे आयोजनों को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम का संचालन विज्ञान विभाग की प्राध्यापक एवं बागवानी क्लब प्रभारी डॉ. ममता बसेर तथा इको क्लब के सदस्य नितिशा पुरोहित, दिशा मालवीय, यश कारपेंटर एवं कुलदीप कारपेंटर द्वारा किया गया। अंत में विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. स्मिता रावत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिभागियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। आयोजन में महाविद्यालय के डॉ. जी.के. कुमावत, डॉ. सी.एस. बारीवाल सहित प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।