मंदसौर जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वर्ष होली पर्व पर गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पारंपरिक लकड़ी के स्थान पर गोबर से निर्मित गो-काष्ठ का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल होलिका दहन करें तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ होली मनाने में सहभागी बनें। कलेक्टर के निर्देशन में जिले की सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों के माध्यम से गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य पेड़ों की कटाई को कम करना, वनों का संरक्षण करना तथा प्रदूषण रहित होलिका दहन को बढ़ावा देना है। गोबर से निर्मित गो-काष्ठ प्राकृतिक, सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक होलिका दहन कार्यक्रमों के लिए निःशुल्क पंजीयन व्यवस्था की गई है। इच्छुक समितियां एवं नागरिक अपने निकटतम नगरीय निकाय, जनपद पंचायत अथवा ग्राम पंचायत कार्यालय में संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं। जिला प्रशासन ने बताया कि जिन समितियों द्वारा उत्कृष्ट रूप से गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा, उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव भेजे जाएंगे। चयनित आयोजनों को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। गो-काष्ठ आधारित होलिका दहन से पेड़ों की अनावश्यक कटाई रुकेगी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इससे गोवंश आधारित उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि इस वर्ष होली का पर्व पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाएं तथा लकड़ी के स्थान पर गो-काष्ठ का उपयोग कर हरियाली बचाने में अपना योगदान दें।