मंदसौर। जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने हेतु संचालित “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” के अंतर्गत ऐतिहासिक एवं पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत गरोठ अंतर्गत ग्राम पंचायत नाहरगढ़ स्थित प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुकूल जैन द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बावड़ी के संरक्षण, साफ-सफाई, संरचनात्मक मजबूती एवं जल संचयन क्षमता बढ़ाने हेतु आवश्यक कार्यों के चिन्हांकन के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत नाहरगढ़ में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई तथा जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को प्राथमिकता से करने पर बल दिया गया।
इसके पश्चात जैन ने जनपद पंचायत गरोठ के ग्राम बर्डिया पीना का दौरा किया, जहां उन्होंने अमृत सरोवर योजना के तहत निर्माणाधीन तालाब के कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्य स्थल पर उपस्थित श्रमिकों से चर्चा कर प्रगति, गुणवत्ता एवं संसाधनों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर वर्षा जल संचयन में सहायक होने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह जल स्रोत ग्रामीणों की कृषि एवं दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहायक सिद्ध होगा।
सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” के माध्यम से जिले में पारंपरिक जल संरचनाओं का संरक्षण एवं नए जल स्रोतों का निर्माण प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं जनप्रतिनिधियों से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।