नीमच। जिले का मनासा विधानसभा क्षेत्र बड़े हिस्से में डूब प्रभावित क्षेत्र माना जाता है। यहां लंबे समय से नावों और बोटों का संचालन हो रहा है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था, नियमन और सुविधाओं के अभाव को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। जिम्मेदार विभागों और प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस एवं परिणाममूलक योजना सामने नहीं आ सकी है। यह बात पूर्व विधायक संपत स्वरूप जाजू ने कही।
उन्होंने कहा कि गांधीसागर बांध क्षेत्र में भी क्रूज सहित विभिन्न बोटों के माध्यम से रामपुरा से गरोठ तक लोगों का आवागमन होता रहा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। विगत वर्षों में कई हादसे होने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।
मुख्य सवाल यह है कि संचालित बोटों को वैधानिक लाइसेंस जारी किए गए थे या नहीं, तथा कितनी बोटों में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट, क्षमता सीमा, तकनीकी फिटनेस और चालक की पात्रता जैसे नियमों की स्थिति भी जांच का विषय है।
हाल ही में सरकार द्वारा बोट से यात्री परिवहन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। सक्षम विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का मानना है कि जल परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, वैध और व्यवस्थित बनाने के लिए अब ठोस नीति, नियमित जांच और जवाबदेही तय करना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।