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May 5, 2026, 12:33 pm
KHABAR : मऊगंज में सिस्टम की क्रूरता, ओलों की बौछार देख गाड़ियों में छिपे कलेक्टर और अफसर, बेघर आदिवासियों ने कलेक्ट्रेट घेर पूछा- हमारे बच्चे कहां जाएं, पढे़ खबर 

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मऊगंज। मध्य प्रदेश के नवनिर्मित जिले मऊगंज से सुशासन के दावों को झकझोर देने वाली एक हृदयविदारक तस्वीर सामने आई है। जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट की आलीशान इमारतों के निर्माण के लिए प्रशासन ने उन आदिवासियों के सिर से छत छीन ली, जो वहां पिछले 50 वर्षों से रह रहे थे। मानवता तब और शर्मसार हो गई जब प्रशासन का बुलडोजर उन ‘प्रधानमंत्री आवासों’ पर भी चल गया, जिन्हें खुद सरकार ने स्वीकृत किया था।


हाल ही में हुई कार्रवाई, अब भड़का आक्रोश
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 11 में यह कार्रवाई हाल ही में की गई थी। अतिक्रमण हटाने के नाम पर सात आदिवासी परिवारों को बेघर कर दिया गया। इन परिवारों का दावा है कि उनके पास 1984 के भू-अधिकार पट्टे मौजूद हैं, लेकिन ‘विकास’ की रफ़्तार के आगे इन कानूनी दस्तावेजों की एक न चली। तबाही का मंजर ऐसा था कि आदिवासियों को अपना अनाज और गृहस्थी का सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया गया।


मलबे में दबी गृहस्थी और ओलों की मार
कार्रवाई के बाद ये परिवार भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर थे। इसी बीच कुदरत ने भी कहर बरपाया। जब प्रशासन की टीम मौके का मुआयना करने पहुंची, तभी तेज आंधी और ओलों की बौछार शुरू हो गई। एक तरफ अफसर अपनी गाड़ियों में छिपते नजर आए, वहीं दूसरी ओर बेघर हुए मासूम बच्चे मलबे के बीच भीगते और सिसकते रहे।


कलेक्टर का घेराव और पूर्व विधायक का तल्ख सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना मौके पर पहुंचे और कलेक्टर के काफिले को घेर लिया। उन्होंने तल्ख लहजे में सवाल किया कि आप दो मिनट की बारिश नहीं सह पा रहे, लेकिन जिन बच्चों के घर आपने तोड़े हैं, वे इस पत्थर वाली बारिश में कहां जाएंगे? इसके बाद आक्रोशित आदिवासियों का समूह पूर्व विधायक के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंच गया। सैकड़ों आदिवासी अपने पुराने पट्टे लेकर सीधे कलेक्ट्रेट सभागार में घुस गए।


पहले घर दो, फिर उजाड़ोरू बैकफुट पर प्रशासन
कलेक्ट्रेट सभागार में आदिवासियों ने कलेक्टर संजय जैन और एसपी दिलीप सोनी के सामने दो टूक कहा कि जब तक उन्हें वैकल्पिक जमीन और घर नहीं मिल जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। पूर्व विधायक बन्ना ने आरोप लगाया कि प्रशासन बड़े रसूखदारों और मंत्रियों की जमीन बचाने के लिए गरीबों की बलि दे रहा है।


कलेक्टर ने दिया आश्वासन
बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल राहत का आश्वासन दिया है। 125 प्रभावित परिवारों का उचित पुनर्वास किया जाएगा। प्रभावितों को नए पट्टे आवंटित किए जाएंगे और पीएम आवास की राशि तत्काल जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

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