चित्तौड़गढ़। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आध्यात्मिक वातावरण में भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर शांतिकुंज से आई विशेष टोली के मार्गदर्शन में 9 कुण्डीय महायज्ञ एवं गुरु दीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर युग निर्माण का संकल्प लिया। आयोजन को पांच पारियों में सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण युवा पीढ़ी में संस्कारों का संवर्धन रहा। लक्ष्य सेंट्रल एकेडमी (बस्सी) और डीपीएस स्कूल के 400 से अधिक छात्र-छात्राओं का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीक्षा संस्कार कराया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्तरु पुत्र यज्ञश् के अंतर्गत फलदार एवं छायादार पौधों का वितरण किया गया। विद्यार्थियों ने युग निर्माण योजना के सत्साहित्य स्टॉल में भी उत्साहपूर्वक रुचि दिखाई।
महोत्सव के पूर्व दिवस आयोजित दीप महायज्ञ में बच्चों, युवाओं, मातृशक्ति और बुजुर्गों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व शांति की कामना की। प्रज्ञा मंडल द्वारा हारमोनियम और तबले की संगत पर प्रस्तुत प्रज्ञा गीतों एवं भजनों ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर मानव जल सेवा संस्थान, चित्तौड़गढ़ द्वारा समाजसेवा और जनजागरण में योगदान देने वाले पदाधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों का गायत्री मंत्र अंकित पीला दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित विशाल पंगत में 1500 से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर गुरुवर का महाप्रसाद ग्रहण किया। मातृशक्ति की मंगलमयी आहुतियों और ष्हम बदलेंगे, युग बदलेगाष् के सामूहिक जयघोष के साथ दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का श्रद्धा, समर्पण और उत्साह के साथ सफल समापन हुआ।