शाजापुर। जिले के सलसलाई थाना क्षेत्र के ग्राम तिंगजपुर में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी और कौतूहल का माहौल बन गया, जब आसमान से एक विशाल गुब्बारे से जुड़ा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खेत में आकर गिर गया। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे ड्रोन या किसी रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तु समझ लिया, लेकिन बाद में पता चला कि यह मौसम विभाग का सर्वेक्षण उपकरण (रेडियोसोंडे सेंसर) है।
ग्राम तिंगजपुर निवासी देवकरण चंद्रवंशी ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे उन्होंने गांव के पास बीएसएनएल टावर के नजदीक खेत में एक बड़ी वस्तु को आसमान से धीरे-धीरे नीचे आते देखा। पास जाकर देखने पर उसके साथ बड़ा हीलियम गुब्बारा और इलेक्ट्रॉनिक सेंसर लगा मिला। गांव में पहली बार ऐसी घटना होने के कारण मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए।
मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार यह उपकरण मौसम विभाग द्वारा वैज्ञानिक सर्वेक्षण के लिए उपयोग किया जाता है। करीब 10 से 15 फीट के हीलियम गुब्बारे से जुड़े इस रेडियोसोंडे के माध्यम से तापमान, वायुदाब, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भोपाल के बैरागढ़ स्थित मौसम केंद्र तक भेजी जाती हैं। तकनीकी खराबी या गुब्बारे के फटने पर यह उपकरण सुरक्षित रूप से जमीन पर वापस आ जाता है।
देवकरण चंद्रवंशी ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए उपकरण को सुरक्षित रखा और तत्काल डायल-112 व सलसलाई थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उपकरण को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रख लिया। थाना पुलिस ने बताया कि मौसम विभाग को सूचना देकर नियमानुसार उपकरण उन्हें सौंप दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 11 जुलाई को भी शाजापुर जिले के ग्राम मदाना के जंगल में इसी प्रकार का मौसम विभाग का सर्वेक्षण उपकरण मिला था। लगातार दूसरी बार जिले में ऐसा उपकरण मिलने से लोगों में उत्सुकता बढ़ी है। हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह वैज्ञानिक मौसम सर्वेक्षण का हिस्सा है और इससे किसी प्रकार का खतरा नहीं होता।