चित्तौड़गढ़। सर्राफा संघ, निंबाहेड़ा एवं श्री मातेश्वरी मानव सेवा संस्थान (पंजी.) के संयुक्त तत्वावधान में श्री मंशापूर्ण महादेव मंदिर, महेश नगर में एक दिवसीय आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श एवं निःशुल्क दवा वितरण शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 150 महिला एवं पुरुष मरीजों ने स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं निःशुल्क औषधियों का लाभ प्राप्त किया।
शिविर का शुभारंभ पूर्व विधायक अशोक नवलखा, पूर्व नगर अध्यक्ष नितिन चतुर्वेदी, नगर अध्यक्ष कपिल चौधरी, महामंत्री कमलेश बनवार एवं प्रसिद्ध कथावाचिका दीदी पूजा मेनारिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
सर्राफा संघ के प्रवक्ता नवीन सोनी ने बताया कि शिविर में विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों की व्यवस्थित जांच कर उपचार संबंधी परामर्श दिया गया तथा उन्हें निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया। लगभग चार घंटे तक चले इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर सर्राफा संघ एवं श्री मातेश्वरी मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष पुष्कर सोनी, संरक्षक गोविंदलाल सोनी, गोपाललाल सोनी एवं बंसीलाल सोनी, महामंत्री रितेश नाहर, उपाध्यक्ष कुलदीप नाहर, पिंटू सोनी, सुनील सोनी, कैलाशचंद्र सोनी, बालकिशन सोनी, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष लाला दशोरा, महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती शर्मा, पूर्व पार्षद रेखारानी तिवारी, महामंत्री लक्ष्मी कोठारी, भानु जंवर, नितेश शर्मा, कोषाध्यक्ष अनिल सिरोहिया, रामसहाय काबरा सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मातेश्वरी मानव सेवा संस्थान के संरक्षक शिवप्रकाश पलोड़, श्रीनिवास भराड़िया, कैलाशचंद्र शर्मा, सुरेशचंद्र आगर, सत्यनारायण शारदा, कैलाश आचार्य, सुनील जंवर, रमेश कुमार भराड़िया, रमेशचंद्र सोनी, पूरणमल पुरबिया, अनुराग अग्रवाल, गोपाललाल शर्मा, हरिसिंह बोडाना, एस.एस. अग्रवाल, रवि राव मराठा, मुकेश बंब, प्रदीप सोनी, दीपक तोषनीवाल, विनायक आचार्य, वैभव सोनी, अंशुल तोषनीवाल एवं पिंटू तेली सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिविर की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
शिविर में आयुर्वेदाचार्य डॉ. ज्योति धाकड़, डॉ. रोहित धाकड़, सोनिका एवं अन्य चिकित्सा सहयोगियों ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कीं। चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श एवं निःशुल्क औषधियों का वितरण किया।
आयोजकों ने बताया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने एवं आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इस प्रकार के शिविर भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे।