उज्जैन। सावन माह के प्रथम दिन देवाधिदेव भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा हुआ था, तभी मंदिर के भव्य शिखर पर एक ऐसा अलौकिक दृश्य दिखाई दिया जिसने सभी का मन मोह लिया।
पवित्र दिन शिखर पर ध्वज लेकर विराजे वानर
महाकाल मंदिर के शिखर पर वानर सेना के एक सदस्य (वानर) हाथ में ध्वज थामकर आ बैठा। सनातन परंपरा और पौराणिक मान्यताओं में वानर को संकटमोचन हनुमान जी का स्वरूप और हनुमान जी को भगवान शिव का ही रुद्र अवतार माना गया है। सावन के पहले ही पवित्र दिन शिखर पर ध्वज लेकर विराजे वानर को देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
दर्शन कर जयकारे लगाने लगे
मंदिर परिसर में मौजूद हजारों भक्तों के लिए यह दृश्य शिव और हनुमान जी के एक साथ साक्षात दर्शन करने जैसा बन गया। गर्भगृह में महाकाल के पूजन-अर्चन के साथ ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर के शिखर पर विराजे वानर रूपी हनुमान जी के दर्शन कर जयकारे लगाने लगे। आस्था के इस अद्भुत और अलौकिक नजारे की चर्चा बनी हुई है ।