चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलक्ट्रेट के समिति कक्ष में राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत हुए निवेश संबंधी एमओयू (MoU) की प्रगति समीक्षा बैठक एवं जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा निवेश परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति, ग्राउंड ब्रेकिंग की स्थिति तथा निवेशकों के समक्ष आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित एमओयू की अद्यतन प्रगति से जिला कलक्टर को अवगत कराया। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग निवेशकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि निवेशकों के साथ हुई प्रत्येक बैठक एवं समस्या निस्तारण की कार्यवाही का समुचित अभिलेखीकरण किया जाए, ताकि परियोजनाओं की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप निवेश परियोजनाओं को धरातल पर शीघ्र क्रियान्वित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निवेशकों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, जिससे जिले के औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हों।
इस दौरान जिला कौशल विकास समिति की बैठक में जिला कौशल विकास योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने स्थानीय उद्योगों एवं संस्थानों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों के संचालन, युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने निर्देश दिए कि कौशल विकास कार्यक्रमों को जिले की औद्योगिक एवं आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अभिलेख) रामचंद्र खटीक, सचिव नगर विकास न्यास कैलाश गुर्जर, आयुक्त नगर परिषद रविंद्र यादव सहित शिक्षा, खान (माइंस), आयुर्वेद, रीको, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कॉलेज शिक्षा, पर्यटन, राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी), एवीवीएनएल, रोजगार एवं उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत हुए एमओयू से जुड़े निवेशकों एवं ग्राउंड ब्रेकिंग प्रक्रिया से संबंधित प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लेकर अपने सुझाव एवं समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया।