सरवानिया महाराज। नीमच-सिंगोली सड़क परियोजना के तहत करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही सीसी सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों एवं वाहन चालकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। सेमली चंद्रावत, निपानिया एवं नेवड़ गांव के समीप निर्मित सीसी सड़क को लेकर स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बन रही है तथा कई स्थानों पर इसकी सतह उबड़-खाबड़ दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर वाहन चलाने के दौरान ऐसा महसूस होता है मानो वाहन गड्ढों से होकर गुजर रहा हो। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य कर रही कंपनी द्वारा सीसी सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही मशीनरी निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावी नहीं है। उनका कहना है कि मशीन के वाइब्रेशन सिस्टम में तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण निर्माण कार्य का अधिकांश हिस्सा मैन्युअल तरीके से किया जा रहा है। वाहन चालकों ने आशंका जताई कि यदि गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया तो भविष्य में हजारों लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्ता संबंधी जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़क आमजन के लिए वर्षों तक उपयोगी रहे, इसके लिए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
इस संबंध में एमपीआरडीसी के जनरल मैनेजर राहुल बरवड़े ने कहा कि यदि सीसी सड़क निर्माण में तकनीकी गड़बड़ी अथवा गुणवत्ता संबंधी कोई शिकायत है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित स्थल का निरीक्षण कर यह देखा जाएगा कि सड़क किस स्थान पर और किन कारणों से उबड़-खाबड़ बनी है तथा आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।