प्रतापगढ़। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों एवं परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, समय पर उपचार नहीं मिलने तथा लंबी प्रतीक्षा के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ओपीडी में घंटों इंतजार की शिकायत-
मरीजों का आरोप है कि ओपीडी में घंटों इंतजार करने के बाद भी डॉक्टरों द्वारा पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। कई बार गंभीर मरीजों को भी समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ने लगती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निजी अस्पतालों की ओर बढ़ रहा रुझान-
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बेहतर एवं निरूशुल्क उपचार की उम्मीद लेकर आने वाले मरीज अंततः निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
मरीजों की प्रमुख शिकायतें-
-ओपीडी में लंबी कतारें एवं घंटों इंतजार
- डॉक्टरों एवं स्टाफ की कमी
- समय पर जांच एवं उपचार नहीं मिलना
- गंभीर मरीजों की अनदेखी के आरोप
- निजी अस्पतालों में रेफर करने की शिकायतें
व्यवस्थाओं में सुधार की मांग-
जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आमजन को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।