चित्तौड़गढ़। उदयपुर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उदयपुर संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व संग्रहण की प्रगति तथा ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा की। उन्होंने आमजन को समयबद्ध राहत पहुंचाने के लिए पुराने एवं लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में संभागीय आयुक्त ने सभी जिलों में आयोजित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के प्रभावी संचालन, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निस्तारण तथा राजस्व संग्रहण की अद्यतन स्थिति की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ सरल, सुगम एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्राप्त प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता देते हुए पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राहत पहुंचाई जाए। साथ ही सेवा शिविरों के दौरान प्राप्त आवेदनों के प्रभावी फॉलोअप एवं नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में राजस्व संग्रहण के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संभागीय आयुक्त ने सभी जिलों को राजस्व वसूली की प्रगति में तेजी लाने तथा लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के लिए सतत प्रयास करने को कहा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में चित्तौड़गढ़ से अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अभिलेख) रामचंद्र खटीक ने जिले में आयोजित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों तथा फॉलोअप शिविरों की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने तथा लंबित प्रकरणों के निराकरण की जानकारी प्रस्तुत की।
जिला मुख्यालय से आयोजित इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर, नगर परिषद आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।