शाजापुर। कृषि विज्ञान केंद्र शाजापुर द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन (NMEO-OS) के अंतर्गत कृषि विभाग शाजापुर के सहयोग से ग्राम दुहानी में 27 एवं 28 जुलाई को दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बायो इनपुट सेंटर प्रभारी वीरेंद्र सिंह राजपूत ने की, जिसमें 50 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस.एस. धाकड़, डॉ. गायत्री वर्मा रावल, डॉ. मुकेश सिंह, प्रगतिशील किसान हरीसिंह देवड़ा एवं ईश्वर सिंह राजपूत उपस्थित रहे।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. गायत्री वर्मा रावल ने किसानों को राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन की जानकारी देते हुए सोयाबीन, तिल, मूंगफली, कुसुम, सूरजमुखी और सरसों जैसी तिलहनी फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण, फसल विविधीकरण एवं स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी।
केंद्र प्रमुख डॉ. एस.एस. धाकड़ ने उन्नत बीजों के चयन, समन्वित पोषण प्रबंधन, भूमि एवं जल संरक्षण, यांत्रिक खरपतवार नियंत्रण और समुचित पौध संरक्षण उपाय अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों, फसल अवशेष प्रबंधन, लेजर लेवलर तथा वर्षा जल संरक्षण की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला।
डॉ. मुकेश सिंह ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों के संतुलित उपयोग, खरीफ फसलों में समन्वित कीट प्रबंधन, तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि, मधुमक्खी पालन तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व की जानकारी दी। इस दौरान किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं का मौके पर समाधान भी किया गया।
प्रशिक्षण के बाद किसानों ने प्रगतिशील किसान वीरेंद्र सिंह राजपूत के बायो रिसोर्स सेंटर एवं प्राकृतिक खेती इकाई का भ्रमण किया। साथ ही उनके खेत में सोयाबीन एवं अन्य खरीफ फसलों का निरीक्षण कर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम के पंच हरीसिंह देवड़ा एवं ईश्वर सिंह राजपूत ने आयोजन की सराहना करते हुए किसानों से वैज्ञानिकों द्वारा दी गई तकनीकी सलाह को व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया। अंत में केंद्र प्रमुख डॉ. एस.एस. धाकड़ ने सभी का आभार व्यक्त किया।