देवास। शहर में समस्त जैन समाज के महिला एवं पुरुषों ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जैन मुनियों एवं आर्यिकाओं की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा। समाजजनों ने विहाररत जैन साधु-संतों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने, राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति बनाने तथा हाल ही में आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
समाजजनों ने बताया कि रीवा में हुई इस दुखद घटना में पूज्य आर्यिकाओं का असामयिक निधन हुआ, जिससे पूरे समाज में शोक और आक्रोश का माहौल है। उनका कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह केवल सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं लगती, इसलिए मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जैन संत निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले होते हैं, जो समाज को शांति और संयम का संदेश देते हैं। बावजूद इसके लगातार हो रही दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं। हाल ही में एक मुनि की सड़क हादसे में हुई मौत को भी संदिग्ध बताते हुए समाज ने प्रशासन से संतों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।