खरगोन। जिले के कसरावद स्थित शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बदहाल स्थिति में पहुंच गई हैं। करोड़ों रुपए के बजट और संसाधनों के बावजूद अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, लगभग 2 लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र में इलाज की जिम्मेदारी केवल 2 डॉक्टरों के भरोसे चल रही है। अस्पताल में स्वीकृत पदों के मुकाबले अधिकतर डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन भीड़ के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों का नंबर 2 से 3 घंटे बाद आ रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
सबसे गंभीर स्थिति यह बताई जा रही है कि अस्पताल में कुत्ते के काटने के इलाज के लिए आवश्यक एंटी रेबीज इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं है, जबकि क्षेत्र में डॉग बाइट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
भीषण गर्मी के बीच मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ रहा है। न तो टंकी में पानी उपलब्ध रहता है और न ही नलों से नियमित जल आपूर्ति हो रही है।
रात के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब इमरजेंसी सेवाओं में डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण गंभीर मरीजों को खरगोन और इंदौर रेफर करना पड़ता है। प्रसूता महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल की अव्यवस्थाओं और डॉक्टरों की कमी के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।