अरनोद। “बूंद-बूंद गंगा का नारा है, जल बचाना कर्तव्य हमारा है...” जैसे गगनभेदी नारों और हाथों में जल संरक्षण संबंधी तख्तियां लिए जब राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अरनोद के विद्यार्थी कस्बे की सड़कों पर उतरे, तो हर कोई उन्हें देखता रह गया। विद्यालय द्वारा आयोजित पर्यावरण एवं जल जागरूकता रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को जल संरक्षण का संदेश दिया और पानी की महत्ता समझाने का प्रयास किया।
कस्बे में निकली जागरूकता रैली-
प्रधानाचार्य श्यामलाल गायरी ने बताया कि रैली विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। भीषण गर्मी के बावजूद विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ लोगों से पानी बचाने, वर्षा जल संचयन अपनाने एवं जल स्रोतों के संरक्षण की अपील की। रैली में शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ भी विद्यार्थियों के साथ कदम से कदम मिलाकर शामिल हुए। ग्रामीणों एवं नगरवासियों ने बच्चों के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है और बच्चों द्वारा दिया गया संदेश समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
समर कैंप में निखर रही प्रतिभाएं-
विद्यालय परिसर में इन दिनों आयोजित ग्रीष्मकालीन समर कैंप में अरनोद एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां और महिलाएं विभिन्न हुनर सीख रही हैं। शिविर में सिलाई, पेंटिंग, मेहंदी, डांस एवं ब्यूटी पार्लर जैसे प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। विद्यालय प्रशासन के अनुसार यह शिविर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनकी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है।
ये रहे उपस्थित-
कार्यक्रम में वरिष्ठ अध्यापक हेमलता मीणा, भानुप्रिया वैष्णव, अक्षिता चौधरी, मानसिंह देवड़ा, राजेंद्र कुमावत, अध्यापक दयाशंकर मीणा, प्रेमलता मीणा, सुनीता मीणा, प्रयोगशाला सहायक पूजा कुमावत एवं विजय सिंह राठौड़ सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।