नीमच। जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत जल स्रोत सेवा समागम कार्यक्रम आयोजित किया गया। नवांकुर संस्था सुरेश लोक शिक्षण समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों, महिलाओं एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए जल संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान जल स्रोत पूजन, स्वच्छता अभियान, भजन संध्या एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि तेजी से घटते जल स्तर और बढ़ते पर्यावरणीय संकट को देखते हुए जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। यदि अभी से जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता नहीं बढ़ाई गई तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण रही। इस अवसर पर सहयोग और सहभागिता करने वाली महिलाओं का सम्मान भी किया गया। वक्ताओं ने जनभागीदारी को जल संरक्षण अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए ग्रामीणों से जल बचाने, वर्षा जल संचयन अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।