नीमच। “एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी)” योजना के तहत नीमच के धनिया को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में धनिया उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं किसानों की आय वृद्धि के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के तहत वर्ष 2025-26 में जिले में एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) के अंतर्गत 220 हेक्टेयर क्षेत्र में 293 कृषकों तथा राज्य पोषित योजना के अंतर्गत 73.250 हेक्टेयर क्षेत्र में 107 कृषकों को लाभान्वित किया गया। इस प्रकार कुल 293.25 हेक्टेयर क्षेत्र में 400 कृषकों को लाभ मिला।
वर्ष 2026-27 के लिए एमआईडीएच योजना के अंतर्गत 450 हेक्टेयर में 485 कृषकों तथा राज्य पोषित योजना के अंतर्गत 250 हेक्टेयर में 267 कृषकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रकार कुल 700 हेक्टेयर क्षेत्र विस्तार एवं 752 कृषकों को लाभान्वित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
बैठक में धनिया व्यापारियों एवं प्रसंस्करण इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि अब तक 500 कृषकों को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, ताकि किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकें।
कलेक्टर चंद्रा ने निर्देश दिए कि शिक्षित युवाओं को धनिया प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित करने हेतु अनुदान उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ओडीओपी के तहत 65 प्रसंस्करण इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिन्हें वर्ष 2026-27 में बढ़ाकर 90 करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में वर्तमान में 24,231 किसान धनिया की खेती कर रहे हैं। धनिया उत्पादन से किसानों की आय में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026-27 में 22,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 33,000 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में उद्यानिकी, कृषि एवं उद्योग विभाग के अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, धनिया व्यापारी एवं प्रसंस्करण इकाइयों के संचालक उपस्थित रहे।