प्रतापगढ़। रीवा (मध्य प्रदेश) में सड़क हादसे में दिगम्बर जैन साध्वी आर्यिका श्रुतमति माताजी और आर्यिका उपशममति माताजी के असामयिक निधन से जैन समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस घटना के विरोध में सोमवार को प्रतापगढ़ में सकल जैन समाज के बैनर तले सैकड़ों श्रावकों ने मौन वाहन रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। विरोध स्वरूप शहर के जैन समाज के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
सकल जैन समाज के अध्यक्ष शुभेंदु घिया ने बताया कि सोमवार सुबह 10रू15 बजे कृषि मंडी प्रांगण से मौन वाहन रैली प्रारंभ हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। वहां जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर जैन संतों को विहार के दौरान राजकीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
सकल जैन समाज के प्रवक्ता विशाल गांधी ने बताया कि रीवा में हुई हृदयविदारक घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सरकार को संतों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस आंदोलन को विप्र फाउंडेशन जिला प्रतापगढ़ एवं सकल ब्राह्मण समाज ने भी समर्थन दिया। विप्र फाउंडेशन ने सर्व समाज और सनातन धर्मप्रेमियों से एकजुट होकर संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
अधिकारियों के बाहर नहीं आने पर जताई नाराजगी
कलेक्टर कार्यालय पहुंचने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि कलेक्टर बैठक में व्यस्त हैं और अतिरिक्त कलेक्टर ज्ञापन लेने आएंगे। इसके बाद समाजजन कलेक्ट्रेट गेट के बाहर इंतजार करते रहे। बाद में सूचना मिली कि केवल पांच प्रतिनिधि ही एडीएम कक्ष में जाकर ज्ञापन सौंप सकते हैं।
इस बात को लेकर जैन समाज के लोगों में नाराजगी फैल गई। समाज के 15 से 20 पदाधिकारी एडीएम कक्ष पहुंचे, जहां प्रतिनिधि गजेंद्र चंडालिया ने अतिरिक्त कलेक्टर से निवेदन किया कि बाहर 32 जैन मंदिरों के अध्यक्ष, मंत्री एवं कई व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद हैं, इसलिए अधिकारी बाहर आकर ज्ञापन स्वीकार करें।
बताया गया कि अतिरिक्त कलेक्टर ने सभी के बीच बाहर आकर ज्ञापन लेने में असमर्थता जताई। इस दौरान कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई। बाद में समाज प्रतिनिधियों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा और बाहर आकर उपस्थित सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया।