चित्तौड़गढ़। पुलिस थाना कनेरा ने संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय देते हुए पिछले चार वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े एक मंदबुद्धि व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलाकर मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि 20 मई 2026 को थानाधिकारी कनेरा महेंद्र सिंह एवं एएसआई महेंद्र कुमार मय जाप्ता को बांगेडाघाटा बालाजी चौराहा, जीएसएस कनेरा के पास एक मंदबुद्धि व्यक्ति मिला। पुलिस टीम द्वारा उसे थाने लाकर प्राथमिक पूछताछ की गई।
पुलिस ने धैर्यपूर्वक बातचीत कर व्यक्ति से उसकी पहचान जानने का प्रयास किया। प्रारंभिक बातचीत में यह अनुमान लगाया गया कि वह बिहार क्षेत्र का निवासी है। इसके बाद संबंधित भाषा के शब्दों का उपयोग कर पुनः बातचीत की गई, जिस पर व्यक्ति ने अपना नाम दशरथ सहनी, निवासी चौनपुर थाना चिहरा कलां, जिला वैशाली (बिहार) बताया।
पुलिस ने जिला वैशाली पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क कर जानकारी साझा की। इसके बाद सोशल मीडिया एवं वीडियो कॉल के माध्यम से परिजनों से संपर्क स्थापित कराया गया। वीडियो कॉल के दौरान पत्नी रिंकू सहनी ने पहचान की पुष्टि की और बताया कि दशरथ सहनी मानसिक अस्वस्थता के कारण लगभग चार वर्ष पूर्व घर से लापता हो गए थे, जिनकी काफी तलाश की गई थी।
दिनांक 24 मई 2026 को रिंकू सहनी अपने पड़ोसी राजेश कुमार के साथ पुलिस थाना कनेरा पहुंचीं, जहां उन्होंने दशरथ सहनी की पहचान की पुष्टि की तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए।
सही पहचान के बाद पुलिस द्वारा दशरथ सहनी को उनकी पत्नी के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों से पुनर्मिलन के बाद परिवार में खुशी का माहौल छा गया।