नीमच। जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित मंगलवार जनसुनवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने भ्रष्टाचार के विरोध में सांकेतिक रूप से अपना “नागरिकता हस्तांतरण एवं त्यागपत्र” आवेदन कलेक्टर को सौंपकर अनोखा विरोध दर्ज कराया। इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी।
पंकज तिवारी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि जनपद जावद अध्यक्ष गोपाल चारण लोकायुक्त कार्रवाई में रंगे हाथों पकड़े जाने के बावजूद अब तक पद पर बने हुए हैं। वहीं थडोद पंचायत में सरपंच एवं सचिव पर सरकारी राशि के गबन और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद भी कठोर कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत संबंधित जनप्रतिनिधियों को तत्काल पद से हटाकर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं होने से आम जनता का शासन, प्रशासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हो रहा है।
पंकज तिवारी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है। इसी के विरोध में उन्होंने सांकेतिक रूप से नागरिकता त्यागने का आवेदन प्रस्तुत किया।
उन्होंने मांग की कि जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण तथा थडोद पंचायत के सरपंच और सचिव को तत्काल पद से हटाकर निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी चुनाव कराए जाएं, ताकि जनता का लोकतंत्र और संविधान पर विश्वास कायम रह सके।