मंदसौर। मंगलवार को मासूम बच्चे अपने माता-पिता के साथ कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। लगभग 40 डिग्री तापमान में बच्चे छतरी लेकर दोपहर तक प्रदर्शन करते रहे। मामला सेंट थॉमस स्कूल में नर्सरी प्रवेश से जुड़ा है, जहां आरटीई योजना के तहत चयन होने के बावजूद प्रवेश नहीं दिए जाने का आरोप है।
प्रदर्शन कर रहे पालकों ने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में उनके बच्चों का चयन हुआ था तथा 15 अप्रैल 2026 तक प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने का मैसेज भी प्राप्त हुआ था। आरोप है कि स्कूल पहुंचने पर प्रबंधन ने आरटीई के तहत प्रवेश देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आवंटन निरस्त होने का संदेश भी मिला।
कई शिकायतों के बाद भी नहीं मिला समाधान-
पालकों का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कलेक्टर कार्यालय, जनसुनवाई और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। बच्चे अपने माता-पिता के साथ सुबह करीब 11.30 बजे धरने पर बैठे। इस दौरान तहसीलदार, एसडीएम और अपर कलेक्टर ने समझाइश देकर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।
कलेक्टर ने की चर्चा, दिया आश्वासन-
करीब दोपहर 1.15 बजे कलेक्टर ने जिला पंचायत सदस्य और कुछ पालकों को चर्चा के लिए बुलाया। बैठक में करीब आधे घंटे चर्चा के बाद बताया गया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर ने बताया कि आरटीई प्रवेश प्रक्रिया अब ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन कराई जाएगी तथा संबंधित स्कूलों की सूची का पुनः परीक्षण किया जाएगा।
10 दिन में समाधान का आश्वासन-
प्रशासन द्वारा करीब 10 दिन का समय मांगा गया है और आश्वासन दिया गया कि आरटीई योजना के तहत बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा। इसके बाद करीब पौने दो बजे धरना समाप्त कर दिया गया।