देवास। जिले के बहुचर्चित गणेश उर्फ गन्नू भावसार हत्याकांड में न्यायालय ने चार आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास और 26 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला पुलिस-अभियोजन के समन्वय, वैज्ञानिक साक्ष्यों और मीडिया वीडियो के आधार पर संभव हुआ।
उक्त मामले में सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने सहायक लोक अभियोजक अलका राणा, उदल सिंह मौर्य, थाना प्रभारी शशिकांत चोरसिया सहित पूरी पुलिस टीम को सम्मानित किया। साथ ही दैनिक प्रजादूत के संवाददाता डी शाह, राष्ट्रीय नवाचार के संपादक धर्मेंद्र पिपलोदिया और रेड इंडिया 24 के संवाददाता ओमप्रकाश सेन को भी सम्मानित किया गया।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2022 में रंगपंचमी के विवाद की रंजिश में आरोपियों ने गणेश भावसार पर चाकू, डंडे और तलवार से हमला कर हत्या कर दी थी। थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
ट्रायल के दौरान कई गवाह मुकर गए, जिससे मामला कमजोर होता नजर आया। इसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत किया और डीएनए परीक्षण कराया। मामले में अहम मोड़ तब आया जब घटना के दौरान के मीडिया इंटरव्यू और वीडियो को साक्ष्य के रूप में न्यायालय में पेश किया गया, जिससे आरोपियों के खिलाफ मजबूत प्रमाण स्थापित हुए।
माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश उमाशंकर अग्रवाल की अदालत ने मिथुन अहीरवाल, रवि चौहान, राजकुमार सिसोदिया और अजय उर्फ आकाश सिसोदिया को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।