देवास। सख्ती और कानून व्यवस्था के लिए पहचानी जाने वाली पुलिस का एक संवेदनशील और मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है।
देवास जिला अस्पताल में भर्ती 5 वर्षीय लक्षिता लोधी की जिंदगी उस समय खतरे में पड़ गई, जब उसे दुर्लभ एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप की तत्काल जरूरत पड़ी। परिजन कई जगह मदद मांग चुके थे, लेकिन ब्लड उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। बच्ची की हालत इतनी गंभीर थी कि उसकी जान महज कुछ ग्राम खून पर टिकी हुई थी।
इसी बीच सोशल मीडिया पर मदद का संदेश हाटपीपल्या थाना प्रभारी दीपक यादव तक पहुंचा। बच्ची की स्थिति जानकर वे बिना देर किए करीब 40 किलोमीटर दूर से रात में ही देवास जिला अस्पताल पहुंचे और रक्तदान कर मासूम की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई।
रक्तदान के बाद वे मासूम बच्ची से भी मिले, उसका हालचाल जाना और उसे हौसला दिया। साथ ही मौजूद डॉक्टरों से चर्चा कर बच्ची के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए।
थाना प्रभारी दीपक यादव ने इसे अपना कर्तव्य बताते हुए कहा कि जैसे ही उन्हें एबी नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता की जानकारी मिली, उन्होंने मानवता के नाते तुरंत अस्पताल पहुंचने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “रक्तदान महादान है, हर इंसान को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
वहीं परिजनों ने भावुक होकर बताया कि जब हर तरफ से उम्मीद टूट चुकी थी, तब थाना प्रभारी उनके लिए फरिश्ता बनकर आए। उन्होंने उनका आभार जताया।
इस सराहनीय पहल के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस के इस मानवीय रूप की जमकर प्रशंसा हो रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि वर्दी के पीछे भी एक संवेदनशील और मददगार दिल धड़कता है।