इंदौर। क्राइम ब्रांच ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, रेलवे, बैंक कर्मचारी और निजी कंपनियों में कार्यरत युवक शामिल हैं। आरोपी पिछले करीब एक महीने से किराए के फ्लैट में रहकर मोबाइल आईडी के जरिए ऑनलाइन सट्टे की बुकिंग कर रहे थे।
डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार रात बेंगलुरु और गुजरात के बीच खेले जा रहे आईपीएल मैच पर सट्टा खिलाए जाने की सूचना पर कार्रवाई की। इस दौरान ओडिशा और जबलपुर के रहने वाले आठ युवकों को पकड़ा गया।
सभी आरोपी नौकरी पेशा
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मास्टरमाइंड कुणाल दास है, जो पहले कई ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों में काम कर चुका है। उसके साथ शशांक नेगी भी पकड़ा गया है, जो गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। इसके अलावा रामा स्वामी, अविनाश ठाकुर, चिन्मय, राजेंद्र दास, आनंद प्रधान और विकास को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें रेलवे कर्मचारी, बैंक कर्मी, जियो कंपनी कर्मचारी, छात्र और निजी कंपनी सुपरवाइजर शामिल हैं।
टेलीग्राम ग्रुप के जरिए जोड़ा था आरोपियों को
डीसीपी के अनुसार कुणाल दास ने सभी आरोपियों को टेलीग्राम ग्रुप के जरिए जोड़ा था। इसके बाद चौटिंग के माध्यम से आईपीएल सट्टे का नेटवर्क तैयार किया गया। आरोपी प्रीमियम नाम की वेबसाइट से लिंक लेकर अन्य लोगों को आईडी जनरेट कर सट्टा खिलाते थे।
23 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, नकदी जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, नकदी और करीब दो करोड़ रुपए के लेनदेन से जुड़े रजिस्टर बरामद किए हैं। फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।