नीमच। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के प्रदेश सचिव कामरेड शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि औद्योगिक न्यायालय इंदौर ने अपने महत्वपूर्ण निर्णय में अल्ट्राटेक सीमेंट, खोर (तहसील जावद, जिला नीमच) द्वारा 58 वर्ष की आयु में श्रमिकों, टेक्नीशियनों एवं कर्मचारियों की की जा रही सेवानिवृत्ति को अवैध एवं अनुचित माना है।
फैक्ट्री में कार्यरत दीपक कुलश्रेष्ठ एवं उद्यमी राम जाट को 58 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त कर दिया गया था, जिसे दोनों श्रमिकों ने औद्योगिक न्यायालय में चुनौती दी थी। प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों की सेवानिवृत्ति को अवैध करार दिया।
कामरेड ठाकुर ने बताया कि यूनियन के लंबे संघर्ष के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने 28 जून 2014 को औद्योगिक श्रमिकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी थी। इस संबंध में 25 अक्टूबर 2014 को राजपत्र अधिसूचना भी जारी की गई थी। इसके बावजूद अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को लगातार 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में भी कई श्रमिक औद्योगिक न्यायालय, श्रम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ से अपने पक्ष में निर्णय प्राप्त कर चुके हैं। इन मामलों में प्रबंधन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील भी की गई है। हाल ही में सर्वाेच्च न्यायालय लोक अदालत में भी इस मामले को समझौते के लिए भेजा गया था, लेकिन कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकल सका।
औद्योगिक न्यायालय ने अपने आदेश में दोनों श्रमिकों को पूर्व सेवाकाल का पूरा वेतन देने तथा 1 जून 2026 से शेष सेवाकाल के लिए पुनः फैक्ट्री में कार्य पर रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की पैरवी अधिवक्ता बी.एस. शेखावत ने की।
न्यायालय के इस फैसले से फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों में खुशी का माहौल है तथा अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी न्यायालय जाने का रास्ता खुला है।