चित्तौड़गढ़। सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्यमंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने पर जोर दिया।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, राज्य बजट घोषणाओं, फ्लैगशिप योजनाओं एवं विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, विद्युत विभाग एवं चिकित्सा विभाग को आमजन के लिए पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने जिले में संचालित विकास कार्यों, राज्य सरकार की योजनाओं तथा वंदे गंगा अभियान के तहत आयोजित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिलेभर में जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित ने 25 से 29 मई तक अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए गत वर्ष किए गए पौधरोपण एवं संरक्षण कार्यों की जानकारी दी।
बैठक के बाद प्रभारी मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने गंभीरी नदी तट पर आयोजित कार्यक्रम में गंगा पूजन एवं आरती कर जल संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आमजन को जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने कहा कि जल बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और जनभागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश चंद्र धाकड़, अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, उपखंड अधिकारी बीनू देवल, यूआईटी सचिव कैलाश चंद्र गुर्जर सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।