मंदसौर। जिले की मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम खड़पाल्या के कुछ ग्रामीण अपनी पैतृक कृषि भूमि से जुड़े विवाद को लेकर शनिवार को मंदसौर के गांधी चौराहे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी जमीन पर गांव के कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है और शिकायतों के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।
भूख हड़ताल पर बैठे मांगीलाल पिता उंकारलाल ने बताया कि उनकी कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 258/6, रकबा 0.38 हेक्टेयर में स्थित है। भूमि का सीमांकन हो चुका है तथा सीमांकन रिपोर्ट में जमीन उनके नाम होना दर्शाया गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के माध्यम से उनकी पैतृक भूमि पर पट्टे जारी कर दिए गए। मांगीलाल ने पूर्व सरपंच एवं सचिव पर मिलीभगत कर अन्य लोगों को लाभ पहुंचाने और उनकी जमीन पर कब्जा कराने का आरोप लगाया है।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई बार जनसुनवाई, तहसील कार्यालय और संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन और तारीखें ही मिलीं। अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
मांगीलाल ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से उक्त भूमि पर खेती कर जीवनयापन करता आया है। भूमि पर कब्जा नहीं मिलने से परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से हैं और खेती ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें उनकी पैतृक भूमि का कब्जा नहीं दिलाया जाता और मामले में न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान कराने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।