उज्जैन। एक प्रमुख धार्मिक नगरी होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशभर से श्रद्धालु भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन हेतु आते है। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी वेबसाइटें बनाकर होटल एवं भक्त निवास में ऑनलाइन रूम बुकिंग के नाम पर आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी की जा रही थी। उज्जैन पुलिस को ऐसी शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं, जिनमें फरियादियों द्वारा बताया गया कि इंटरनेट पर उपलब्ध कुछ वेबसाइटों के माध्यम से होटल अथवा भक्त निवास में कमरा बुक कराने के नाम पर उनसे ऑनलाइन राशि प्राप्त कर ली जाती थी, किन्तु मौके पर पहुंचने पर कोई वैध बुकिंग नहीं पाई जाती थी। इस प्रकार पीड़ितों को आर्थिक क्षति के साथ-साथ मानसिक परेशानी एवं असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के निर्देशन में साइबर सेल उज्जैन द्वारा तकनीकी जांच एवं साइबर विश्लेषण किया गया। जांच में विभिन्न फर्जी वेबसाइटों एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की पहचान की गई, जिनका उपयोग आम नागरिकों से धोखाधड़ी करने हेतु किया जा रहा था।
उक्त कृत्य प्रथम दृष्टया सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 43, 66, 66-C, 66-D तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) एवं 319 के अंतर्गत दण्डनीय पाया गया।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय उज्जैन द्वारा पुलिस मुख्यालय भोपाल के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 79(3)(b) सहपठित सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 के नियम 3(1)(d) के अंतर्गत संबंधित इंटरमीडियरी/प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर वेबसाइटों को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय/हटाने की कार्यवाही की गई ।
वहीं उज्जैन पुलिस ने इस मामले को देखते हुए आमजन से अपील है कि, होटल, धर्मशाला अथवा भक्त निवास की ऑनलाइन बुकिंग करते समय केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय वेबसाइट/पोर्टल का ही उपयोग करें। किसी भी अज्ञात मोबाइल नंबर अथवा संदिग्ध वेबसाइट पर ऑनलाइन भुगतान करने से पूर्व जानकारी सत्यापित करें।
साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा नजदीकी पुलिस थाना/साइबर सेल से संपर्क करें। उज्जैन पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है बावजूद इसके सायबार ठग नए - नए तरीके खोज लेते है।