दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में सहकारी बैंक के अंतर्गत कार्यरत सहकारिता समिति कर्मचारियों ने सहायक समिति प्रबंधक से समिति प्रबंधक पद पर पदोन्नति संबंधी भर्ती प्रक्रिया को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने भर्ती प्रक्रिया में भेदभाव, मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच एवं पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में रविवार को स्थानीय परशुराम मंदिर परिसर में सहकारिता समिति कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई,जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2022 के सेवा नियमों के तहत सहायक समिति प्रबंधकों को पदोन्नति देकर समिति प्रबंधक बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन दतिया जिले में यह प्रक्रिया अब तक पूर्ण नहीं हो सकी है।उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पुराने नियमों और वर्ष 2010 की कार्यवाही (प्रोसीडिंग) को आधार बनाकर कर्मचारियों की पात्रता तय की जा रही है, जिससे वर्ष 2010 के बाद नियुक्त हुए अनेक कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो रहे हैं।बैठक में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जिले में एक सैकड़ा से अधिक सहायक समिति प्रबंधक और समिति कर्मचारी इस प्रक्रिया से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि कई कर्मचारी 10 से 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके हैं, जबकि कई के पास अभी वर्षों की सेवा शेष है।कर्मचारियों ने जिला सहकारी बैंक से जुड़े अधिकारियों भानु खरे, नरोत्तम लाक्षाकार तथा सहकारिता आयुक्त (एआरसीएस) अखिलेश शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में मनमाने तरीके से नियम लागू किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि कुछ पात्र कर्मचारियों की सेवाएं शून्य घोषित कर दी गईं, जिससे उनके सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। बैठक में मौजूद कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है और कुछ लोगों को विशेष लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने, पदोन्नति प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने तथा संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण की मांग की।कर्मचारियों ने जिला प्रशासन, सहकारिता मंत्री एवं मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्यायालय की शरण लेने सहित व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए भर्ती प्रक्रिया का समयबद्ध और निष्पक्ष निष्पादन आवश्यक है। बैठक की अध्यक्षता सहकारिता समिति कर्मचारी संघजिलाध्यक्ष जसवंत परिहार ने की। इस दौरान बैठक में बड़ी संख्या में सहकारिता कर्मचारी मौजूद रहे।